कोरोनावायरस के प्रकोप को रोकने के लिए लागू लॉकडाउन में अब छूट दी गई है। आर्थिक गतिविधियां दोबारा शुरू हो गई हैं। ऐसे में रियल एस्टेट के कारोबार को वापस पटरी पर आने में छह माह का समय लग सकता है। रियल एस्टेट के ग्राहकों में घर खरीदने को लेकर पॉजिटिव माहौल है। मौजूदा संकट के बावजूद ज्यादातर लोगों ने रियल एस्टेट में निवेश को बेहतर बताया है। बुधवार को हाउसिंग डॉटकॉम और नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (नरेडको) ने मिलकर 'कंसर्न्ड येट पॉजिटिव - द इंडियन रियल एस्टेट कंज्यूमर (अप्रैल - मई 2020)' रिपोर्ट जारी की है। यह सर्वेक्षण अप्रैल और मई 2020 में किया गया था। यह सर्वे 3,000 से अधिक संभावित होमबॉयर्स पर आधारित है। इसे रैंडम सैंपलिंग तकनीक के माध्यम से किया गया था।
35% लोगों ने घर खरीदारी को माना बेहतर निवेश
रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 35% लोग ऐसे हैं जिन्होंने घर खरीदारी को बेहतर निवेश माना है। इसक बाद 28% ने गोल्ड खरीदारी को बेहतर निवेश कहा है। 22% ऐसे हैं जो कि फिक्स्ड डिपॉज़िट में निवेश करना चाहते हैं। वहीं, 16% लोगों ने स्टॉक्स में निवेश करने की बात कही है।
सर्वेक्षण में शामिल अधिकतर 73% लोग (पहली बार होमबॉयर्स) ऐसे हैं जो कि एंड यूज के लिए 'रेडी-टू-मूव-इन-हाउस' खरीदना चाहते हैं। इनमें सबसे ज्यादा 25-45 वर्ष के आयु वर्ग के बीच शामिल हैं। 60% रिस्पांडेंट्स ने कहा कि अगले छह महीनों के लिए वे रेडी-टू-मूव-इन प्रॉपर्टी पसंद करेंगे। वहीं, 21% ने कहा कि वे अधिकतम एक साल की डिलीवरी टाइमलाइन वाली प्रॉपर्टी चाहते हैं।
कोविड -19 के चलते रियल एस्टेट में निवेशक करेंगे रूख
नरेडको का मानना है, कोविड -19 दुनिया के एंड यूजर और निवेशकों दोनों के लिए रियल एस्टेट सकारात्मक साबित होगा। किराये के घरों में रहने वालों ने अपने घरों में रहने के महत्व को महसूस किया है, जबकि एनआरआई भारत में अपना एक सुरक्षित घर बनाने की तलाश कर रहे हैं। होम ऑफिस के लिए अतिरिक्त स्थान की मांग बढ़ रही है, और इसके लिए अब अधिक बेहतर लेआउट की आवश्यकता है।
धीरे-धीरे बाजार में वापस आने लगें हैं ग्राहक
हाउसिंग डॉट कॉम, मकान डॉटकॉम & प्रॉप टाइगर डॉटकॉम के ग्रुप सीईओ, ध्रुव अग्रवाल ने कहा कि इस सर्वेक्षण से यह तो साफ है कि फ्लैट्स की खोज करने वाले संभावित होमबॉयर्स ने लिक्विडिटी की चिंताओं और कोविड महामारी से बनी अनिश्चितता के कारण अभी अपने घर की खोज पर विराम लगाया है, लेकिन उनमें से अधिकांश धीरे-धीरे आने वाले महीनों में बाजार में वापस आने लगें हैं।
वित्तीय सहायता की आवश्यकता होगी
डॉ निरंजन हीरानंदानी, फाउंडर-चेयरमैन, हीरानंदानी ग्रुप और सीएमडी, हीरानंदानी कम्युनिटीज़ और नेशनल प्रेसिडेंट - नरेडको ने कहा, "महामारी ने न केवल अर्थव्यवस्था को हिला दिया है, इसने रियल एस्टेट के संकटों को और बढ़ा दिया है, जो पहले से ही आर्थिक सुधारों के सुनामी के दबाव के कारण फिर से गिर रहा था, जिसमें डेमोनेटाइजेशन, जीएसटी और रेरा शामिल हैं। यह महामारी हमारे उद्योग और संबद्ध क्षेत्रों के लिए परेशानी के रूप में आई है। उद्योग को वापस अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता की आवश्यकता होगी।
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