कोरोना संक्रमण के कारण पूरी दुनिया के शेयर बाजारों में आई गिरावट का असर घरेलू शेयर बाजारों में भी दिखा है। कैलेंडर ईयर 2020 में इक्विटी बाजारों ने निवेशकों को अब तक 17.18 फीसदी तक नुकसान पहुंचाया है। हालांकि, इस अवधि में सोने ने 13.02 फीसदी का रिटर्न दिया है।

बीएसई सेंसेक्स में 18 जून तक 17.18 फीसदी की गिरावट

बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जनवरी को बीएसई सेंसेक्स 41,306 अंकों पर बंद हुआ था, जबकि 18 जून को यह गिरकर 34,208 अंकों पर आ गया। इस अवधि में सेंसेक्स में 7098 अंकों या 17.18 फीसदी की गिरावट रही है। बीएसई सेंसेक्स 30 कंपनियों का प्रमुख संवेदी सूचकांक है।

मिडकैप-स्मॉलकैप ने भी नेगेटिव रिटर्न दिया

बीएसई सेंसेक्स की तरह बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप ने भी समान अवधि में नेगेटिव रिटर्न दिया है। 1 जनवरी को बीएसई मिडकैप 14,998 अंकों पर और बीएसई स्मॉलकैप 13,786 अंकों पर बंद हुए थे। 18 जून को बीएसई मिडकैप 12,673 और बीएसई स्मॉलकैप 12,110 अंकों पर बंद हुए थे। इस प्रकार बीएसई मिडकैप में 15.50 फीसदी और बीएसई स्मॉल कैप में 12.16 फीसदी की गिरावट रही है।

सोने ने दिया है अच्छा रिटर्न

हालांकि, इक्विटी मार्केट के मुकाबले इस अवधि में सोने ने अच्छा रिटर्न दिया है। 1 जनवरी को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 1528 डॉलर प्रति ओंस थी, जो 18 जून को बढ़कर 1727 डॉलर प्रति ओंस पर पहुंच गई है। इस प्रकार सोने में 13.02 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का कारोबार ओंस में होता है। 1 ओंस में 28.35 ग्राम वजन होता है।

वार्षिक आधार पर इक्विटी बाजार का हाल

इंडेक्स 1 जनवरी 18 जून रिटर्न
बीएसई सेंसेक्स 41,306 34,208 -17.18%
बीएसई मिडकैप 14,998 12,673 -15.50%
बीएसई स्मॉलकैप 13,786 12,110 -12.16%
सोना 1528 1727 13.02%

नोट: सोने की कीमत डॉलर प्रति ओंस में हैं।

23 मार्च को निचले स्तर पर पहुंचे थे घरेलू शेयर बाजार

2020 में 23 मार्च का दिन घरेलू शेयर बाजार के लिहाज से सबसे बुरा दिन रहा है। इस दिन शेयर बाजारों ने अपना इस वर्ष का निचला स्तर छुआ था। 23 मार्च को बीएसई सेंसेक्स 25,981 अंकों पर, बीएसई मिडकैप 9711 अंकों पर और बीसएई स्मॉलकैप 8872 अंकों पर बंद हुआ था। हालांकि, इसके बाद से घरेलू बाजारों में तेजी दर्ज की जा रही है।

बीएसई सेंसेक्स ने 23 मार्च से अब तक 32% का रिटर्न दिया

23 मार्च को निचला स्तर छूने के बाद लौटे घरेलू बाजारों ने रफ्तार पकड़ ली है। 23 मार्च से अब तक इक्विटी मार्केट ने 36.50 फीसदी तक का रिटर्न दिया है। आंकड़ों के मुताबिक, 23 मार्च को बीएसई सेंसेक्स 25,981 अंकों पर बंद हुआ था, जो अब उछलकर 34,208 अंकों पर पहुंच गया है। इस प्रकार इसमें 8227 अंकों या 31.67 फीसदी की तेजी रही है।

मिडकैप-स्मॉलकैप में भी रही तेजी

बीएसई सेंसेक्स की तर्ज पर बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप ने भी 23 मार्च के बाद से अब तक अच्छा रिटर्न दिया है। 23 मार्च को बीएसई मिडकैप 9711 अंकों पर बंद हुआ था, जो 18 जून तक बढ़कर 12,673 अंकों पर पहुंच गया है। इस प्रकार इसमें 2962 अंक या 30.50 फीसदी की तेजी रही है। बीएसई स्मॉलकैप भी 23 मार्च के 8872 अंक से बढ़कर 12,110 अंकों पर पहुंच गया है। इस प्रकार इसमें 3238 अंक या 36.50 फीसदी की तेजी रही है। हालांकि, इस दौरान सोने की कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं आया है।

23 मार्च से 18 जून तक इक्विटी मार्केट का हाल

इंडेक्स 23 मार्च 18 जून

रिटर्न

बीएसई सेंसेक्स 25,981 34,208 31.67%
बीएसई मिडकैप 9711 12,673 30.50%
बीएसई स्मॉलकैप 8872 12,110 36.50%
सोना 1526 1727 13.17%


नोट: सोने की कीमत डॉलर प्रति ओंस में हैं।

निवेशकों का सेंटीमेंट सुधरा

एंजेल ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटी एंड करेंसी), अनुज गुप्ता का कहना है कि कोरोना संक्रमण के दुनियाभर में फैलने और कई देशों में लॉकडाउन लागू होने के कारण मार्च के तीसरे सप्ताह सेनिवेशकों का सेंटीमेंट बिगड़ गया था। इस कारण भारत समेत दुनियाभर के शेयर बाजारों में गिरावट रही थी। हालांकि, कोरोना से निपटने के लिए विभिन्न देशों की सरकारों और केंद्रीय बैंकों की ओर से किए गए उपायों से निवेशकों के सेंटीमेंट में सुधार आया है और वे धीरे-धीरे निवेश कर रहे हैं। यही कारण है कि भारत समेत अन्य देशों के शेयर बाजारों में भी उछाल दिख रहा है। इस दौरान इक्विटी बाजार के निवेशकों ने सोने में निवेश बढ़ाया है जिस कारण इसकी कीमतों में भी तेजी आई है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
1 जनवरी से 18 जून की अवधि में बीएसई सेंसेक्स में 7098 अंकों या 17.18 फीसदी की गिरावट रही है।

https://ift.tt/2AJvPd0