मलेशिया ऐसा देश है जो दुनिया में इस्तेमाल होने वाले रबर के ग्लब्स का लगभग 65 प्रतिशत उत्पादन करता है। अब तक ये साल ग्लब्स बनाने वाली कंपनियों के ओनर्स के लिए शानदार रहा है। यही वजह है कि मलेशिया में इस बिजनेस से जुड़े चार लोग अरबपति बन चुके हैं। इनमें दो ने इस मुकाम को इसी साल हासिल किया है।
ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार सुपरमैक्स कॉर्प कंपनी के फाउंडर थाई किम सिम इस महीने की शुरुआत में 1 बिलियन डॉलर (करीब 7612 करोड़ रुपए) के उच्च स्तर के साथ इस क्लब में शामिल हुए हैं।
कोविड-19 में बढ़ाई ग्लब्स की डिमांड
दुनियाभर में कोविड-19 महामारी की वजह से ग्लब्स की डिमांड तेजी से बढ़ गई। ऐसे में इसका प्रोडक्शन करने वाली कंपनियों को कई गुना तेजी से फायदा हुआ। संक्रमण से बचने और संक्रमण के इलाज के लिए ग्लब्स का इस्तेमाल जरूरी हो गया है। ऐसे में दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र की जो कंपनियांइस सेक्टर में शामिल थीं उन्हें तेजी से फायदा पहुंचा। दुनिया की सबसे बड़ी ग्लब्स बनाने वाली कंपनी हार्टलेगा और कोसन को बहुत फायदा हुआ। हालांकि, सुपरमैक्स पांच गुना तेजी से छलांग लगाकर सबसे ऊपर पहुंच गई।
| फाउंडर का नाम | कंपनी |
| थाई किम सिम | सुपरमैक्स |
| लिम वी चाई | टॉप ग्लब्स |
| कुआन कम होम | हार्टलेगा |
| लिम कुआंग सिया | कोसन |
1987 में शुरू हुई थी सुपरमैक्स
थाई किम सिम ने 1987 में अपनी पत्नी के साथ सुपरमैक्स की स्थापना की थी। यह सुपरमैक्स ग्लब्स लेबल के साथ आने वाला पहला ब्रांड बन गया। कंपनी अब 160 से अधिक देशों में ग्लब्स को निर्यात करती है। सुपरमैक्स की ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक दुनियाभर में लेटेक्स एग्जामिनेशन ग्लब्स की डिमांड को 12 प्रतिशत तक पूरा करती है।
कोविड-19 महामारी में सोशल डिस्टेंसिंग जितनी जरूरी है, उसी तरह ग्लब्स पहनना भी लोगों के लिए जरूरी हो गया है। कोरोनावायरस की वजह से दुनियाभर में 430,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। देश की रबर ग्लब्स प्रोडक्शन एसोसिएशन का अनुमान है कि इस साल दुनियाभर में ग्लब्स की डिमांड 11% से 330 बिलियन पीस तक बढ़ सकती है। जिसमें दो-तिहाई मलेशिया से आने की संभावना है।
मलेशिया बना ग्लब्स पावरहाउस
1980 के दशक में दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र उस समय ग्लब्स का पावरहाउस बन गए, जब एड्स की महामारी की वजह से ग्लब्स की मांग बढ़ने लगी। कम लागत में ग्लब्स को तैयार करते मलेशियाई बिजनेसमैन ने खुद को स्थापित कर लिया।
ब्लूमबर्ग के अनुसार, ग्लब्स बनाने वाली कंपनी टॉप ग्लब्स ने अपने गिरवी शेयरों के मूल्य को छोड़कर इस साल तीन गुना से अधिक का करोबार कर चुकी हैं। मई तक के तीन महीनों में कंपनी की शुद्ध आय में 366% की वृद्धि दर्ज हुई है, जो कि रिकॉर्ड 348 मिलियन रिंगिट (81 मिलियन डॉलर) है। कंपनी की बिक्री भी इस साल उच्च स्तर पर पहुंच गई। कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ने कहा कि हमने अब तक अच्छा किया है, लेकिन सबसे अच्छा आना बाकी है।
दूसरी तरफ, हार्टलेगा और कोसन का कारोबार इस साल दोगुना हो गया है। हार्टलेगा के फाउंडर कुआन कम होन और उनके परिवार की हिस्सेदारी 4.8 बिलियन डॉलर तक बढ़ गई है। कोसन रबर के फाउंडर लिम कुआंग सिया भी अब 1.1 बिलियन डॉलर के साथ इस कारोबार से जुड़े इस साल के नए अरबपति बन गए हैं।
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