कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच आर्थिक मोर्चे पर भारत के लिए बुरी खबर आई है। प्रमुख रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स ने भारत के सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग आउटलुक को स्थिर से घटाकर नेगेटिव कर दिया है। एजेंसी ने कोरोना महामारी के कारण आर्थिक ग्रोथ कमजोर रहने और सार्वजनिक कर्ज की चुनौतियों को लेकर आउटलुक में यह कटौती की है।
इश्यूअर डिफाल्ट रेटिंग बीबीबी- को स्थिर रखा
फिच रेटिंग्स की ओर से गुरुवार को जारी बयान में कहा कि भारत के लिए लंबी अवधि की इश्यूअर डिफॉल्ट रेटिंग (आईडीआर) को बीबीबी- (BBB-) पर बरकरार रखा है। फिच ने अनुमान जताया है कि चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक गतिविधियों में 5 फीसदी की कमी रहेगी। हालांकि, एजेंसी ने वित्त वर्ष 2022 में आर्थिक गतिविधियों में तेजी रहने की बात कही है। एजेंसी ने वित्त वर्ष 2022 में आर्थिक ग्रोथ 9.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया है।
कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए घटाई रेटिंग
फिच रेटिंग्स का कहना है कि भारत में कोरोनावायरस संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इसी कारण उसने रेटिंग में बदलाव करते हुए इसमें कटौती की है। आपको बता दें कि भारत में कोरोना संक्रमण के अब तक 3.67 लाख मामले सामने आ चुके हैं, जबकि पूरी दुनिया में इनकी संख्या 84 लाख के पार हो गई है।
मूडीज भी घटा चुकी है रेटिंग
इससे पहले अन्य रेटिंग एजेंसी मूडीज भी भारत की सॉवरेन रेटिंग को घटा चुकी है। मूडीज ने सॉवरेन रेटिंग आउटलुक को बीएए3 (Baa3) से घटाकर बीएए2 (Baa2) कर दिया था। 22 सालों में यह पहला मौका है जब मूडीज ने भारत के सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग आउटलुक में कटौती की है। इसके अलावा मूडीज ने आउटलुक को नेगेटिव रखा है।
2022 में मजबूत रिकवरी से 8.5% रहेगी जीडीपी ग्रोथ: एसएंडपी
इससे पहले स्टैंडर्ड एंड पूअर्स (एसएंडपी) ने कहा था कि वित्त वर्ष 2021 में बड़ी गिरावट के बावजूद भारत में मजबूत रिकवरी के संकेत दिख रहे हैं। इससे वित्त वर्ष 2022 में भारत की जीडीपी ग्रोथ 8.5% के करीब रह सकती है। हालांकि, एजेंसी ने कहा है कि कमजोर वित्तीय सेक्टर और लेबर मार्केट में सुधार करने की जरूरत है। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो रिकवरी पर असर पड़ सकता है। एजेंसी ने चालू वित्त वर्ष में जीडीपी में 5% कमी का अनुमान जताया है।
वित्त वर्ष 2020 में 4.2% रही जीडीपी ग्रोथ
जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान देश की जीडीपी की वृद्धि दर 3.1% रही है। हालांकि, पूरे साल के दौरान जीडीपी की वृद्धि दर 4.2% रही। इसी तरह ग्रास वैल्यू एडेड (जीवीए) 3.9% रहा है। केंद्रीय सांख्यिकीय विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इससे पहले अक्टूबर से दिसंबर की तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर 4.7% थी। जबकि 2019 के पूरे साल के दौरान यह वृद्धि दर 6.1% थी।
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