एशियाई कंपनियों के बीच इस साल की दूसरी तिमाही (अप्रैल-जून) में कारोबारी माहौल गिरकर 11 साल के निचले स्तर पर आ गया। यह बात थोमसन रायटर्स और इनसीड के एक सर्वेक्षण में कही गई। इसके साथ ही सर्वेक्षण में भाग लेने वाली करीब दो-तिहाई कंपनियों ने अगले छह महीने में निरंतर बिगड़ती जा रही कोरोनावायरस महामारी को सबसे बड़ा जोखिम बताया।

सर्वेक्षण के इतिहास में सिर्फ दूसरी बार इंडेक्स 50 से नीचे आया

मार्च तिमाही के सर्वेक्षण में कोरोनावायरस महामारी का सिर्फ शुरुआती प्रभाव सामने आया था। लेकिन जून तिमाही में कारोबारी माहौल से जुड़ा सूचकांक एक तिहाई गिरकर 35 पर आ गया। 2009 की दूसरी तिमाही में सर्वेक्षण शुरू होने के बाद से यह सिर्फ दूसरा मौका है जब थोमसन रायटर्स/इनसीड एशियन बिजनेस सेंटिमेंट इंडेक्स गिरकर 50 से नीचे आया है। इससे पहले 50 से नीचे की रीडिंग सर्वेक्षण की शुरुआत में ही यानी, 2009 की दूसरी तिमाही में आई थी, जब इंडेक्स 45 पर था। इस इंडेक्स में 50 से ऊपर की रीडिंग से बेहतर माहौल और 50 से नीचे की रीडिंग से खराब माहौल का पता चलता है।

अगले 6 महीने में मंदी गहराने से चुनौती और बढ़ेगी

सर्वेक्षण की गई 93 कंपनियों में से करीब 16 फीसदी ने कहा कि अगले 6 महीने में मंदी गहराने से चुनौती और बढ़ेगी।करीब 50 फीसदी कंपनियों ने आशंका जताई कि कारोबार का स्तर और कर्मचारियों की संख्या में गिरावट आ सकती है। सर्वेक्षण 29 मई से 12 जून के बीच किया गया। ग्लोबल बिजनेस स्कूल इनसीड में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर एंटोनियो फैटास ने कहा कि सभी देशों और सभी कंपनियों में कारोबारी माहौल में ऐसी मायूसी छाई हुई है, जो पहले हमने कभी भी नहीं देखी थी।

संक्रमण की दूसरी लहर से अर्थव्यवस्था के फिर प्रभावित होने की चिंता बढ़ी है

कई देश अब कोरोनावायरस से जुड़े लॉकडाउन में ढील देने लगे हैं। लेकिन संक्रमण की दूसरी लहर से अर्थव्यवस्था के फिर से प्रभावित होने की चिंता बढ़ गई है। पूरी दुनिया में कोरोनावायरस से संक्रमित होने वालों की संख्या 80 लाख को पार कर चुकी है। चीन में कई सप्ताह नया मरीज नहीं मिलने के बाद हाल में कई दर्जन संक्रमण का मामला फिर से सामने आया है। दक्षिण कोरिया को शुरू में संक्रमण रोकने में काफी सफलता मिली थी, लेकिन वहां भी नए मरीजों की संख्या बढ़ी है।

चीन में औद्योगिक उत्पादन बढ़ा, लेकिन बढ़ोतरी की दर उम्मीद से कम

इस सर्वेक्षण में एशिया-प्रशांत क्षेत्र की 11 कंपनियों ने हिस्सा लिया। इनमें थाईलैंड की हॉस्पिटलिटी कंपनी माइनर इंटरनेशनल, जापान की वाहन कंपनी सुजुकी मोटर कॉर्प, ताईवान की कंट्रैक्ट मैन्यूफैक्चरिंग कंपनी विस्ट्रन कॉर्प आौर आस्ट्रेलिया में लिस्टेड कंपनी ऑयल सर्च भी शामिल हैं। कोरोनावायरस का पहला मामला दर्ज करने वाले चीन में मई में लगातार दूसरे महीने औद्योगिक उत्पादन बढ़ा है। लेकिन बढ़ोतरी की रफ्तार उम्मीद से कम है और इससे पता चलता है कि आर्थिक तेजी पर अनिश्चितता का संकट बना हुआ है।

अर्थव्यवस्था में तेजी आने में लंबा वक्त लगेगा

एचएल बैंक के सीनियर ट्र्रेजरी स्ट्रैटेजिस्ट जेफ एनजी ने कहा कि इससे पता चलता है कि अर्थव्यवस्था में तेजी आने में लंबा वक्त लगेगा और यह वी शेप की रिकवरी नहीं होगी। कई देशों की सरकारों ने आर्थिक राहत पैकेज जारी किए हैं। एशिया की दो सबसे खुली अर्थव्यवस्था सिंगापुर और हांगकांग ने एयरलाइन उद्योग को राहत दी है, जिस पर यात्रा प्रतिबंध का बेहद बुरा असर पड़ा है। पिछले सप्ताह अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने कहा था कि वह 2022 तक अपनी मुख्य ब्याज दर को शून्य के करीब रख सकता है। इससे भी पता चलता है कि रिकवरी में लंबा वक्त लगेगा।



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दो-तिहाई कंपनियों ने कोरोनावायरस महामारी की निरंतर बिगड़ती जा रही स्थिति को अगले छह महीने में सबसे बड़ा जोखिम बताया

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