विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) साल 2020 में पहली बार मई से खरीदारी शुरू किए हैं। जून में भी इन्होंने अभी तक अच्छी खरीदारी की है। भारतीय इक्विटी बाजार में मई में इन्होंने कुल 13,000 करोड़ रुपए की शुद्ध खरीदी की। इसमें प्रमुख बात यह रही है कि इन्होंने हाउस होल्ड और पर्सनल प्रोडक्ट जैसे सेक्टर्स में खरीदी की। जबकि फाइनेंशियल सर्विसेस के शेयरों से दूरी बनाए रखी।

हाउस होल्ड और पर्सनल प्रोडक्ट सेक्टर में 14,315 करोड़ की खरीदी

आंकड़े बताते हैं कि एफआईआई की शॉपिंग लिस्ट में टॉप पर हाउस होल्ड और पर्सनल प्रोडक्ट सेक्टर्स के शेयर रहे हैं। इसमें इन्होंने 14,315 करोड़ रुपए की खरीदी मई महीने में की है। यह सेक्टर अप्रैल में सबसे ज्यादा बढ़नेवाला सेक्टर रहा है। इसके बाद ऑयल एवं गैस एक ऐसा सेक्टर रहा है जिसमें एफआईआई ने अच्छी खरीदी की है। मई महीने में इस सेक्टर में एफआईआई ने 5,252 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे हैं। जबकि अप्रैल महीने में इसमें 1,320 करोड़ रुपए की खरीदी की गई है।

टेलीकॉम सेक्टर में भी की खरीदी

आंकड़े बताते हैं कि अन्य सेक्टर्स जिसमें एफआईआई ने खरीदी की है उसमें प्रमुख रूप से टेलीकॉम सर्विसेस है। इसमें 4,706 करोड़ रुपए की एफआईआई ने खरीदी की है। फूड एवं बेवरेजेस तथा टोबैको में 838 करोड़ रुपए की खरीदी की गई है। फार्मा और बायो में 342 करोड़ रुपए की खरीदी की गई है।साल 2020 में एफआईआई ने पहली बार शुद्ध खरीदी मई महीने में की है। कोविड-19 की वजह से आर्थिक गतिविधियों पर असर हुआ है।

चार महीने तक बाजार से दूरी बनाए थे एफआईआई

साल के पहले चार महीने तक एफआईआई बाजारों से दूरी बना लिए थे। इन चार सेक्टर्स में फूड एंड ड्रग, रिटेल, रियल इस्टेट इनवेस्टमेंट, हार्डवेयर टेक्नोलॉजी का समावेश है। पर अप्रैल में बाजार में सुधार आने के बाद एफआईआई वापस भारतीय बाजार में लौटे हैं। मई में निफ्टी-50 में 2.84 प्रतिशत की गिरावट देखी गई थी। निफ्टी मिड कैप इंडेक्स और स्माल कैप इंडेक्स 1.7 और 1.84 प्रतिशत गिरा था। विश्लेषकों को अनुमान है कि इकोनॉमी में जैसे-जैसे सुधार होगा, बाजारों में थोड़ा पॉजिटिव माहौल दिखेगा।

एफआईआई ने 13 सेक्टर्स में की खरीदी

बीएसई के मुख्य और सब सेक्टर्स को मिलाकर अगर 35 सेक्टर्स में देखें तो एफआईआई ने 13 सेक्टर्स में खरीदी की है। हालांकि 18 सेक्टर्स से उन्होंने पैसे निकाले हैं। चार सेक्टर्स में उन्होंने कोई खरीदी बिक्री नहीं की है। सबसे ज्यादा बिक्री फाइनेंशियल सर्विसेस सेक्टर में की गई है। इसमें से एफआईआई ने 6,997 करोड़ रुपए निकाला है। फाइनेंशियल सर्विसेस में इसलिए बिक्री हुई है क्योंकि एनपीए को लेकर यह सेक्टर चुनौतियों से जूझ रहा है। खासकर एनबीएफसी और सरकारी बैंकों पर ज्यादा असर दिखा है।



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विश्लेषकों को अनुमान है कि इकोनॉमी में जैसे-जैसे सुधार होगा, बाजारों में थोड़ा पॉजिटिव माहौल दिखेगा

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