एफएमसीजी कंपनी हिंदुस्तान यूनिलिवर (HUL) अपने ब्रैंड फेयर एंड लवली (Fair & Lovely) का नाम बदलेगा। कंपनी ने फेयर एंड लवली से फेयर शब्द को हटाने की बात कही है। कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि नया ब्रैंड नाम सभी मंजूरी के बाद लॉन्च किया जाएगा।

बता दें कि कंपनी का यह फैसला रंग भेदभाव को खत्म करने के लिए दुनियाभर में चल रहे विरोध के चलते लिया गया है। पिछले कुछ समय से लगातार दुनिया में ब्लैक लाइव मैटर मूवमेंट चल रहा है। सेलिब्रिटीज समेत बिजनेस वर्ल्ड के कई दिग्गज इस मूवमेंट में अपना समर्थन दे चुके हैं।

फेयर, व्हाइटनिंग और लाइटनिंग जैसेशब्दों पर हटाया जाएगा

यूनिलिवर ब्यूटी एंड पर्सनल केयर डिवीजन के अध्यक्ष सनी जैन ने कहा कि हम इस बात को समझते हैं कि फेयर, व्हाइट और लाइट जैसे शब्द सुंदरता की एकतरफा परिभाषा को जाहिर करते हैं जो कि सही नहीं है। हम इसे सुधारना चाहते हैं।

कंपनी ने कहा है कि वह अपने ब्रैंड की पैकेजिंग से फेयर, व्हाइटनिंग और लाइटनिंग जैसे शब्दों को हटा देगी। इसके अलावा, विज्ञापनों और प्रचार सामग्री में हर रंग की महिलाओं को जगह दी जाएगी। भारत के अलावा, यह क्रीम बांग्लादेश, इंडोनेशिया, थाईलैंड, पाकिस्तान और एशिया के कई देशों में बिकती है।

45 साल पहले शुरू हुई थी फेयर एंड लवली

सन्1975 में हिंदुस्तान यूनिलीवर ने 'फेयर एंड लवली' नाम की एक गोरा करने वाली क्रीम लॉन्च की। देश में गोरेपन की क्रीम के बाजार का 50-70 फीसदी हिस्सा 'फेयर एंड लवली' के पास ही है।यूनिलिवर कंपनी सिर्फ फेयर ऐंड लवली ब्रैंड से ही भारत में सालाना 50 करोड़ डॉलर से ज्यादा का कारोबार करती है।



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दुनिया भर में अश्वेतों के प्रति भेदभाव रोकने की मुहिम के बीच गोरे रंग को बढ़ावा देने वाली क्रीम को लेकर भी सवाल उठ रहे थे

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