अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ग्रीन कार्ड और एच-1बी वीजा पर इस साल के अंत तक के लिए रोक लगाने की घोषणा की है। एच-1बी वीजा भारत के आईटी प्रोफेशनल्स के बीच काफी प्रसिद्ध है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन ने कई अन्य फॉरेन वर्क वीजा भी सस्पेंड किए हैं। इसमें एच-2बी, एल और जे-वीजा भी शामिल हैं। ट्रंप के इस फैसले के बाद यह वीजाधारक और इनके डिपेंडेंट 31 दिसंबर 2020 तक अमेरिका नहीं जा पाएंगे। जे-वीजा इंटर्न, ट्रेनी, शिक्षक, कैंप काउंसलर या समर वर्क ट्रेवल प्रोग्राम के लिए जारी किया जाता है।
अमेरिकियों के हित में लिया फैसला: ट्रंप
इस फैसले की घोषणा करते हुएडोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मौजूदा आर्थिक संकट के कारण नौकरियां खोने वाले लाखों अमेरिकियों के लिए यह आवश्यक था। नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनावों से पहले लिए गए इस फैसले का कारोबारी संस्थान, कानून निर्माता और ह्यूमन राइट्स संगठन विरोध कर रहे हैं। लेकिन ट्रंप ने इस विरोध को पूरी तरह से नकार दिया है।
24 जून से लागू होंगे यह प्रतिबंध
डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए यह प्रतिबंध 24 जून से लागू होंगे। ट्रंप प्रशासन के इस फैसले से बड़ी संख्या में ऐसे भारतीय आईटी प्रोफेशनल प्रभावित होंगे जिनको अमेरिकी और भारतीय कंपनियों ने 1 अक्टूबर से शुरू होने वाले वित्त वर्ष 2021 के लिए यह वीजा जारी किया है। अब ऐसे प्रोफेशनल्स को कम से कम इस साल के अंत तक इंतजार करना होगा। इसके अलावा इस फैसले का असर उन प्रोफेशनल्स पर भी पड़ेगा जो अपना एच-1बी वीजा रिन्यूअल कराना चाहते हैं।
अमेरिका से बाहर रहने वालों पर लागू होगा यह फैसला
डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा के मुताबिक, इस फैसले का असर अमेरिका से बाहर रह रहे लोगों पर पड़ेगा। घोषणा के मुताबिक, कानूनी रूप से अमेरिका में स्थायी रूप से रह रहे लोगों और ऐसे विदेशी नागरिक जो अमेरिकी नागरिकों के स्पाउस या बच्चे हैं, उन पर इस फैसले का असर नहीं पड़ेगा। इसके अलावा अस्थायी लेबर और फूड सप्लाई चेन जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए अमेरिका आने वालों को भी इस प्रतिबंध से छूट रहेगी।
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