कोरोनावायरस संक्रमण के कारण देश की स्नैक्स एंड स्वीट्स इंडस्ट्री को चालू वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 2021) में 35 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हो सकता है। इंडस्ट्री से जुड़े अधिकारियों ने यह अनुमान जताया है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्लोडाउन और स्वास्थ्य कारणों के साथ लेबर की कमी के चलते स्वीट्स और नमकीन मैन्युफैक्चरर्स ने अपनी उत्पादन क्षमता घटा दी है।
इस साल 65 हजार करोड़ रुपए का टर्नओवर रहने की उम्मीद
फेडरेशन ऑफ स्वीट्स एंड नमकीन मैन्युफैक्चरर्स के डायरेक्टर फिरोज एच नकवी का कहना है कि कोविड-19 का बाजार पर बुरी तरह प्रभाव पड़ा है। इसको देखते हुए हम उम्मीद कर रहे हैं कि देश में इस साल स्वीट्स एंड नमकीन उत्पादों का टर्नओवर 65 हजार करोड़ रुपए के आसपास रहेगा। उन्होंने बताया कि 2019-20 में स्वीट्स एंड नमकीन इंडस्ट्री का टर्नओवर 1 लाख करोड़ रुपए के आसपास था। इसमें स्वीट्स का 60 हजार करोड़ रुपए का टर्नओवर भी शामिल है। नकवी ने कहा कि कोविड-19 संकट के कारण स्वीट्स का कारोबार बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।
लॉकडाउन के कारण स्वीट्स एंड नमकीन कारोबार में आया ठहराव
नकवी ने कहा कि कोरोनावायरस के कारण लागू हुए देशव्यापी लॉकडाउन से स्वीट्स एंड नमकीन कारोबार में ठहराव सा आ गया है। लॉकडाउन के कारण मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और दुकानों में बड़ी मात्रा में स्वीट बर्बाद हुआ है। इससे मैन्युफैक्चरर्स और वेंडर्स को बड़ा नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में छूट मिलने के कारण जून से स्वीट्स एंड नमकीन उत्पादों की बिक्री में कुछ तेजी आई है। हालांकि यह संकेत ज्यादा उत्साही नहीं हैं क्योंकि कोविड-19 के कारण लोगों की खरीदारी क्षमता प्रभावित हुई है।
देश में करीब 2 लाख स्वीट्स एंड नमकीन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स
नकवी के मुताबिक, देश में औपचारिक और गैर औपचारिक सेक्टर में करीब 2 लाख स्वीट्स एंड नमकीन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं। मौजूदा बाजार हालातों को देखते हुए अधिकांश यूनिट्स ने अपनी उत्पादन क्षमता को कम कर दिया है। स्वीट एंड नमकीन फैक्ट्रियों में काम करने वाले हजारों प्रवासी मजदूर अपने घरों को लौट गए हैं। इस कारण भी फैक्ट्रियों में उत्पादन कम हुआ है। अब स्वीट एंड नमकीन इंडस्ट्री को दिवाली के सीजन से थोड़ी उम्मीद दिख रही है।
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