कोविड-19 के कारण पैदा हुआ मौजूदा वित्तीय संकट नीति-निर्माताओं की परीक्षा ले रहा है। इसका कारण यह है कि ऐसा संकट पहले कभी नहीं देखा गया है। इससे पहले आए सभी संकट निवेशकों का सेंटीमेंट बिगड़ने के कारण पैदा हुए थे, जिनके एपिसेंटर की पहचान हो जाती थी। मौजूदा संकट के कारण दुनियाभर के देशों की जीडीपी ग्रोथ में वित्त वर्ष 2020-21 में गिरावट तय मानी जा रही है।

भारत की जीडीपी ग्रोथ में 6.8% गिरावट का अनुमान

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की ताजा इकोरैप रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2021 में भारत की जीडीपी ग्रोथ में 6.8 फीसदी की गिरावट का अनुमान जताया गया है। हालांकि, रिपोर्ट में उम्मीद जताई गई है कि अनुकूल बेस प्रभाव के कारण वित्त वर्ष 2022 में भारतीय अर्थव्यवस्था में रिकवरी वी (V) शेप में होगी। रिपोर्ट के मुताबिक, यदि यह बेस प्रभाव कारगर साबित नहीं होता है तो भारतीय अर्थव्यवस्था को रिकवरी में चार साल तक का समय लग सकता है। वहीं वैश्विक स्तर पर जीडीपी में 5.2 फीसदी और पर-कैपिटा जीडीपी में 6.2 फीसदी गिरावट का अनुमान है।

2020 में वैश्विक स्तर पर जीडीपी ग्रोथ और पर-कैपिटा जीडीपी में गिरावट का अनुमान।

भारत को दूसरे देशों जैसी गलती नहीं दोहरानी चाहिए

रिपोर्ट में कहा गया है कि रिकवरी के लिए भारत की राजकोषीय नीति की प्रतिक्रिया को और अधिक आक्रामक होना होगा। भारत को एशियाई वित्तीय संकट और यूरो जोन संकट के समय दूसरे देशों की ओर से की गई गलतियों को नहीं दोहराना चाहिए। वित्त वर्ष 2022 में भारत की सॉवरेन रेटिंग भी नीतिगत प्रतिक्रिया के आधार पर निर्धारित होगी।

वित्त वर्ष 2022 में भारतीय अर्थव्यवस्था में वी (V) शेप में रिकवरी का अनुमान है।

पर-कैपिटा इनकम में 5.4% गिरावट का अनुमान

इकोरैप रिपोर्ट के मुताबिक, कोविड-19 संकट के कारण भारत में पर-कैपिटा (पीसीआई) इनकम में भी गिरावट होगी। रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2021 में पीसीआई में 5.4 फीसदी की गिरावट होगी और यह गिरकर 1.43 रुपए पर आ जाएगी। यह नॉमिनल जीडीपी की गिरावट से ज्यादा होगी। वित्त वर्ष 2021 में भारत की नॉमिनल जीडीपी 3.8 फीसदी की गिरावट का अनुमान है।

अमीर राज्यों में पीसीआई में ज्यादा गिरावट

रिपोर्ट के मुताबिक, कोविड-19 के कारण अमीर राज्यों में पीसीआई में ज्यादा गिरावट होगी। अमीर राज्यों में ऐसे राज्य शामिल हैं जिनका पीसीआई भारत के औसत पीसीआई से ज्यादा है। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2021 में दिल्ली के पीसीआई में 15.4 फीसदी और चंडीगढ़ में 13.9 फीसदी की गिरावट होगी। यह भारत के औसत पीसीआई (-5.4) से ज्यादा है।

राज्यों की पर-कैपिटा जीडीपी पर कोविड-19 का प्रभाव

राज्य पर-कैपिटा जीडीपी (लाख रुपए में)
वित्त वर्ष 2020 वित्त वर्ष 2021 बदलाव (% में)
दिल्ली 4.48 3.79 -15.4%
चंडीगढ़ 3.91 3.37 -13.9%
गुजरात 2.42 2.14 -11.6%
तमिलनाडु 2.39 2.12 -11.4%
तेलंगाना 2.64 2.25 -11.1%
प. बंगाल 1.40 1.24 -11.1%
अंडमान
निकोबार द्वीप
1.99 1.78 -10.6%
महाराष्ट्र 2.06 1.85 -10.3%
हरियाणा 2.92 2.63 -9.8%
जेएंडके 1.12 1.01 -9.6%
राजस्थान 1.33 1.21 -9.2%
बिहार 0.55 0.50 -8.7%
पंजाब 1.82 1.67 -8.4%
केरल 2.44 2.25 -8.2%
आंध्र प्रदेश 1.72 1.58 -8.1%
कर्नाटक 2.60 2.40 -7.8%
उत्तर प्रदेश 0.81 0.75 -7.5%
मध्य प्रदेश 1.09 1.01 -7.1%
उत्तराखंड 2.36 2.22 -5.7%
झारखंड 0.91 0.86 -5.4%
पुद्दूचेरी 2.59 2.46 -4.8%
हिमाचल प्रदेश 2.06 1.98 -3.7%
ओडिशा 1.15 1.11 -3.7%
त्रिपुरा 1.40 1.35 -3.6%
मेघालय 1.07 1.03 -3.3%
सिक्किम 4.42 4.32 -2.4%
मिजोरम 2.10 2.05 -2.4%
असम 0.99 0.97 -2.3%
छत्तीसगढ़ 1.12 1.10 -2.1%
नगालैंड 1.40 1.38 -1.5%
मणिपुर 0.82 0.82 -0.6%
गोवा 5.29 5.31 0.3%
अरुणाचल प्रदेश 1.62 1.62 0.3%
इंडिया 1.53 1.43 -5.4%


भारत की नॉमिनल जीडीपी (लाख करोड़ रुपए में)

नॉमिनल जीडीपी 202.3 194.6 -3.8%

स्रोत: एसबीआई रिसर्च



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वित्त वर्ष 2021 में भारत की नॉमिनल जीडीपी में 3.8 फीसदी की गिरावट का अनुमान है।

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