लॉकडाउन की वजह से दिल्ली-एनसीआर, मुबंई, बेंगलुरू समेत देश के 7 प्रमुख शहरों में प्रोजेक्ट पूरा होने के बावजूद डिलीवरी में देरी हो सकती है। नेशनल कैपिटल रीजन (NCR), मुंबई मेट्रो रीजन (MMR) और बेंगलुरू में एक लाख से ज्यादा यूनिट्स 2020 में लगभग पूरी तैयार हैं लेकिन कोविड-19 के चलते डिलीवर नहीं हो सकेगीं। पुणे में करीब 68,800 यूनिट्स तो कोलकाता में 33,850 यूनिट्स कम्पलीट होने की कगार पर हैं। वहीं, हैदराबाद में 30,500 यूनिट्स तैयार है। अब होमबायर्स को कम से कम छह माह से सालभरका इतंजार करना पड़ सकता है।

2021 में 4.12 लाख प्रोजेक्ट्स पूरा होना था

टॉप-7 शहरों में 2021 तक लगभग 4.12 लाख यूनिट्स प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की डेडलाइन है। 2020-2021 मिलाकर सिर्फ एनसीआर में 2.40 यूनिट्स पूरे होने थे। लेकिन अब वर्कर्स की कमी के चलते डिलीवरी में देरी होने की संभावना है।

ये सभी प्रोजेक्ट्स 2013 के बाद शुरू किए गए थे

एनारॉक प्रॉपर्टी कंसल्टेंट्स के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा है कि मौजूदा हालात के चलते होमबॉयर्स को घर के लिए और इंतजार करना पड़ सकता है। 2020 में 4.66 लाख यूनिट्स और 2021 में कुल 4.12 लाख यूनिट्स डिलीवर होने वाली थी। ये सभी प्रोजेक्ट्स 2013 के बाद शुरू किए गए थे और इस समय अपने अंतिम फेज में थे। इसमें अकेले NCR में लगभग 2.40 लाख यूनिट्स को डिलीवर करना था।

एनसीआर में पहले से ही 2 लाख से ज्यादा प्रोजेक्टस प्रभावित

बता दें कि एनसीआर में पहले से ही 2 लाख से अधिक प्रोजेक्टस अपनी डेटलाइन से देरी में चल रही है। अनुज ने कहा कि दिल्ली-मुंबई और बेंगलुरू जैसे शहरों में डेवलपर्स के पास कामगारों की भारी कमी है। अगर किसी डेवलपर्स के पास कैश की कमी नहीं है, तो भी उनमें से अधिकांश को फिर से निर्माण शुरू करने में थोड़ा समय लगेगा क्योंकि लाखों मजदूरों ने शहरों को छोड़ दिया है और अपने गांवों में वापस चले गए हैं। इसके अलावा, कई टॉप शहर अभी भी वायरस से जूझ रहे हैं।



2020 और 2021 में अनुमानित पूरा होने वाले प्रोजेक्ट्स-

कोविड-19 से पहले 7 शहरों में 2020 और 2021 के दौरान करीब 8.78 लाख से अधिक यूनिट्स को पूरा करना था। इसमें 2020 में लगभग 4.66 लाख और बाकी अगले साल 2021 में 4.12 लाख यूनिट्स पूरे करने थे।जानिए किस शहर में कितने प्रोजेक्ट्स लगभग तैयार हैं और 2020-21 में डिलिवर होना था-

  • इसमें सबसे पहले स्थान पर NCR हैं। यहां दोनों साल मिलाकर अधिकतम लगभग 2.40 लाख यूनिट्स पूरे होने थे। इनमें 2020 में 1.01 लाख और 2021 में अन्य 1.39 लाख प्रोजेक्ट्स डिलीवर होने वाले थे।
  • दूसरे स्थान पर MMR है। यहां दो साल में डिलीवर होने वाली लगभग 2.10 लाख यूनिट्स थीं। 2020 में 1.07 लाख और 2021 में लगभग 1.03 लाख यूनिट्स डिलीवर होने थे।
  • बेंगलुरु में 2020 और 2021 में लगभग 1.51 लाख यूनिट्स की डिलीवरी देखने की उम्मीद थी। इस साल शहर में 1.01 लाख यूनिट्स की डिलीवरी होने की संभावना थी जबकि अगले साल यह लगभग 50,000 यूनिट्स थी।
  • पुणे को दोनों वर्षों में लगभग 1.36 लाख यूनिट्स को पूरा करना था इसमें 2020 में 69,000 और 2021 में 67,000 यूनिट्स लाइनअप में थीं।
  • कोलकाता में लगभग 59,000 यूनिट्स अगले दो वर्षों में डिलीवर होने वाली थी। 2020 में 33,900 यूनिट और 2021 में लगभग 25,100 यूनिट कम्पलीट होने वाली थीं।
  • हैदराबाद को दोनों वर्षों में 45,200 से अधिक यूनिट्स को पूरा करना था। 2020 में 30,500 यूनिट्स और 2021 में 14,700 यूनिट्स की डिलीवरी होनी थी।
  • चेन्नई में दोनों वर्षों में लगभग 37,000 प्रोजेक्टस थे। इसमें से 24,650 यूनिट्स को 2020 में पूरा करना था जबकि 2021 में 12,520 यूनिट्स पूरा करना था।


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