मंगलवार को अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ खुला। डाउ जोंस 0.95 फीसदी की बढ़त के साथ 247 अंक ऊपर खुला। जबकि नैस्डैक 0.75 फीसदी की बढ़त के साथ 75 अंक ऊपर और एसएंडपी 0.86 फीसदी की बढ़त के साथ 26 अंक ऊपर खुला। बाजार खुलते समय डाउ जोंस 26272, नैस्डैक 10131 और एसएंडपी 3144 अंक पर कारोबार कर रहे थे।
मंगलवार को दुनियाभर के लगभग सभी प्रमुख बाजारों में बढ़त में रहे। जापान का निक्कई 111 अंक, चीन का शंघाई कम्पोसिट 5 अंक, हॉन्ग कॉन्ग का हैंग सैंग 396 अंक, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 4 अंक और भारत का निफ्टी 159 अंक और सेंसेक्स 519 अंक की बढ़त के साथ बंद हुए। वहीं, इस समय यूके टाइम का FTSE 100, फ्रांस का CAC 40, जर्मनी का DAX, इटली का FTSE MIB, रूस का MICEX बाजार भी बढ़त में कारोबार कर रहे हैं।

सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुआ था डाउ जोंस
- सोमवार को डाउ जोंस 0.59 फीसदी यानी 153 अंक की बढ़त के साथ 26025 अंक पर बंद हुआ था।
- नैस्डैक 1.11 फीसदी यानी 110 अंक की बढ़त के साथ 10056 अंक पर और एसएंडपी 0.65 फीसदी यानी 20 अंक की बढ़त के साथ 3117 अंक पर बंद हुआ था।
अमेरिका: कोरोना से 1 लाख 22 हजार से ज्यादा मौतें
- worldometers के मुताबिक, मंगलवार को अमेरिका में संक्रमितों का आंकड़ा 23 लाख 89 हजार 166 पर पहुंच गया। जबकि देश में अबतक 1,22,634 लोगों की मौत हो चुकी है और 10 लाख 3 हजार, 258 लोग ठीक हो चुके हैं।
अमेरिका में कोरोना रोकथाम के उपायों का विरोध
- कोरोना महामारी से दुनियाभर के 92 लाख संक्रमितों में से सबसे ज्यादा 23 लाख अमेरिका में है। फिर भी यहां कोरोना रोकथाम के उपायों के खिलाफ लाखों लोग उठ खड़े हुए हैं। वे न सिर्फ मास्क का विरोध कर रहे हैं, बल्कि सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को भी नहीं मान रहे। अनिवार्य रूप से मास्क पहनने का आदेश जारी करने वाले स्वास्थ्य अधिकारियों को धमकी भी मिल रही हैं।
- दक्षिण कैलिफोर्निया के ऑरेंज काउंटी में स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. निकोल क्विक ने 10 जून को इसलिए इस्तीफा दे दिया क्योंकि उन्हें जान से मारने की धमकियां मिलीं। डॉ क्विक की गलती ये थी कि उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर लोगों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया था। कुछ घंटों बाद ही इसका विरोध शुरू हो गया। कुछ नाराज स्थानीय लोगों ने पोस्टर्स बनाए जिसमें उनकी तुलना हिटलर से की गई।
विदेशियों को साल के अंत तक ग्रीन कार्ड और H1B वीजा जारी करने पर रोक
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने H1B वीजा समेत विदेशियों को जारी होने वाले नौकरियों से जुड़े कई वीजा को सस्पेंड रखने का समय बढ़ा दिया। व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को बताया कि 31 दिसंबर तक विदेशियों को ग्रीन कार्ड और एच-1बी वीजा जारी नहीं होगा। वहीं, गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा कि प्रवासियों ने अमेरिकी को आर्थिक तौर पर मजबूत बनाने में मदद की और देश को तकनीक के क्षेत्र में अव्वल बनाया।
भारत पर असर पड़ेगा
- एच-2बी वीजा को छोड़कर अन्य सभी वीजा के सस्पेंड होने का असर भारतीयों पर पड़ेगा। एच-2बी वीजा खासतौर पर मैक्सिको के प्रवासियों के काम आता है। अमेरिका में हर साल 10 लाख कर्मचारी दूसरे देशों से आते हैं। अमेरिकी सांसदों ने कहा कि बेरोजगारी की दर इतनी ज्यादा है कि इन कर्मचारियों को वीजा देने का कोई कारण नहीं है।
मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुआ भारतीय बाजार
- मंगलवार को कारोबार के दूसरे दिन बीएसई और निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुए। आज बीएसई 104.41 अंक ऊपर और निफ्टी 36.75 पॉइंट की बढ़त के साथ खुला। दिनभर की ट्रेडिंग के दौरान बीएसई 553.28 अंक तक और निफ्टी 167.8 पॉइंट तक ऊपर जाने में कामयाब रहा।
- कारोबार के अंत में बीएसई 519.11 अंक या 1.49% ऊपर 35,430.43 पर और निफ्टी 159.80 पॉइंट या 1.55% ऊपर 10,471.00 पर बंद हुआ। आज प्रेस्टीज एस्टेट प्रोजेक्ट लिमिटेड के शेयर में 11.04 फीसदी की बढ़त रही। इससे पहले सोमवार को बीएसई 179.59 अंक ऊपर 34,911.32 पर और निफ्टी 66.80 पॉइंट ऊपर 10,311.20 पर बंद हुआ था।
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