देश का अग्रणी कॉर्पोरेट टाटा समूह अपनी कंपनियों में खर्च कटौतीकी योजना बना रहा है। खबर है कि होल्डिंग टाटा संस और ऑपरेटिंग कंपनियों में खर्च पर समीक्षा की जाएगी। कोविड-19 के कारण कंपनी को रेवेन्यू में नुकसान हुआ है। इससे यह फैसला लेना पड़ा है।
मार्केटिंग, एचआर और ब्रांडिंग की होगी समीक्षा
जानकारी के मुताबिक कंपनी मार्केटिंग, एचआर और ब्रांडिंग सहित अन्य विभागों में खर्च की समीक्षा करेगी। हाल में टाटा संस बोर्ड की मीटिंग हुई थी। इसमें खर्च कटौती को मंजूरी मिली थी। बोर्ड होल्डिंग और ऑपरेटिंग कंपनियों के मैनेजमेंट की सैलरी भी घटाने की योजना बना रहा है। चालू वर्ष में पूरे बोर्ड में किसी को भी बोनस या इंक्रीमेंट नहीं मिला है। इसके साथ ही बोर्ड ने ग्रोथ बिजनेस के फंडिंग को भी मंजूरी दे दी है। इसमें प्रस्तावित मेडिकल डिवाइस का भी समावेश है।
ऑपरेटिंग खर्च की होगी समीक्षा
कोविड-19 के कारण टाटा स्टील यूके और जेएलआर के स्ट्रेटेजिक निर्णयों में देरी हो सकती है। एक अधिकारी के मुताबिक अभी तमाम संभावित ऑपरेटिंग खर्च की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद कटौती होगी। इससे कैश फ्लो बच सकेगा। मेडिकल डिवाइस के लिए टाटा संस की एक अलग कंपनी होगी और टाटा एलेक्सी के साथ कोई बदलाव नहीं होगा। मेडिकल डिवाइस बिजनेस में वेंटीलेटर्स, पीपीई किट, सर्जिकल और कोविड-19 के लिए टेस्टिंग डिवाइस प्रोडक्ट का समावेश है। टाटा समूह की कंपनी टाटा एलेक्सी आईसीयू और क्रिटिकल केयर यूनिट में उपयोग होनेवाले कई उपकरणों का पहले से ही उत्पादन कर रही है।
20 लिस्टेड कंपनियों का खर्च 7.5 प्रतिशत बढ़ा
टाटा समूह की 20 लिस्टेड कंपनियों के कुल खर्च में वित्त वर्ष 2019-20 में 7.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। कंपनियों के स्टॉफ का खर्च टाटा समूह की 20 कंपनियों की कुल बिक्री का 35 प्रतिशत है। उधर टाटा मोटर्स अपनी कंपनी जगुआर लैंड रोवरके खर्चे कम करने के लिए 1100कर्मचारियोंकी छंटनी करनेवाली है। कंपनी ने अपनी कॉस्ट कटिंग योजना के तहत कुल 1.26 अरब डॉलर की बचत करने का लक्ष्य रखा है।कंपनी ने 3.5 अरब पाउंड की बचत पहले ही हासिल कर ली है।
सोमवार को ही टाटा मोटर्स को मार्च तिमाही में 9,800 करोड़ से ज्यादा का घाटा हुआ था।
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