सोमवार को जब दलाल स्ट्रीट पर निवेशकों ने थोक में सेल करने की शुरुआत की तो निफ्टी और सेंसेक्स में भारी गिरावट दिखी। विश्लेषकों ने इस गिरावट में मंदी की आहट देखी, जिसके बारे में उन्हें पहले से आशंका थी। एक्सपर्ट का मानना है कि बाजार की दूसरी गिरावट का चरण शुरू हो सकता है।
दुनिया भर के बाजारों में रही गिरावट
सोमवार को दुनिया भर के बाजारों में गिरावट आई। इसका असर यह हुआ कि बाजार की जो बढ़त हाल में आई थी, वह घट गई। भारतीय बाजार ने भी उसी गिरावट को अपनाया और बैंकों और वित्तीय सेवा कंपनियों के शेयरों ने बाजार को गिरफ्त में ले लिया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के दीपक जैसानी कहते हैं कि कोरोना की दूसरी लहर का डर हर जगह तेजी से फैल रहा है। वैश्विक बाजार कमजोर कारोबार कर रहे हैं।
जापान, कोरिया और हांगकांग के बेंचमार्क सूचकांक 5 फीसदी तक सोमवार को गिरे हैं। डाओ फ्यूचर्स में भी तेजी से गिरावट रही है। भारत में अब तक 3.32 लाख कोविड-19 मामले दर्ज किए गए हैं। मौत का आकंडा 10,000 को छूने को है।
कोरोना का अभी भी टॉप पर आना बाकी
चिंता की बात यह है कि देश में हर दिन संक्रमण की संख्या खतरनाक रूप से बढ़ती जा रही है। इसका अर्थ है कोरोना का टॉप अभी बाकी है। हालांकि सरकार अभी तक किसी भी कम्युनिटी स्प्रेड से इनकार कर रही है। फिर भी आशंकाओं के गहरे बादल मंडरा रहे हैं। सोमवार के कारोबार के पहले 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 700 अंकों से अधिक की गिरावट के साथ 33,076 पर आ गया। एनएसई निफ्टी 200 अंक या 2 फीसदी से अधिक लुढ़क गया था।
मंदी के कई चरण होते हैं
जसानी कहते हैं कि किसी भी मंदी के कई चरण होते हैं। हमने निफ्टी को 7,500 के स्तर पर गिरते देखा और फिर तेज रिकवरी देखी। अब शायद गिरावट का दूसरा चरण शुरू हो गया है। आईडीबीआई कैपिटल में रिसर्च प्रमुख एके प्रभाकर कहते हैं कि बाजार में गिरावट शुरू हो गई है। पिछले हफ्ते भी बाजार नीचे चला गया था। उन्होंने कहा, हम गिरावट में हैं। निफ्टी अगले कुछ हफ्तों मे गिरकर 8,800 के स्तर तक आ सकता है।
बाजार गिरावट की ओर जा सकता है
टेक्निकल रूप से भी बाजार कमजोर नजर आया। पिछले हफ्ते की शुरुआत में मजबूत ओपनिंग के बाद निफ्टी 50 अस्थिर हो गया और अंत में गिरावट के साथ बंद हुआ। एक अन्य विश्लेषक ने कहा कि अगर निफ्टी 9,700 के स्तर को ट्रिगर करता है तो यह शुक्रवार के निचले स्तर पर लगभग 9550 तक स्लाइड कर सकता है। निफ्टी तभी ऊपर रह सकता है, जब वह 10,050 से ऊपर ट्रेड करे।
इकोनॉमी खुल रही है, पर मांग नहीं है
विश्लेषकों के अनुसार निवेशकों के लिए अधिक चिंता की बात यह है कि भारत में इकोनॉमी खुल रही है। पर इसमें मांग नहीं है। लोग खर्च नहीं करना चाहते हैं। कोई नई मांग नहीं है, जिसकी हर कोई बात कर रहा है। प्रभाकर ने कहा कि लोग खर्च करने में बहुत सतर्क हैं। क्योंकि उन्हें आपात स्थिति के लिए पैसे की जरूरत होती है। सोमवार को निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स करीब 4 फीसदी गिर गया जबकि निफ्टी फाइनेंशियल सर्विस इंडेक्स 3 फीसदी फिसल गया।
एमएसएमई सबसे ज्यादा प्रभावित होगा
इंडसइंड बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और एसबीआई को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, जो 6 फीसदी तक नीचे रहे। प्रभाकर ने कहा कि बैंकों और एनबीएफसी के शेयरों को खरीदने से बचना चाहिए। शटडाउन के कारण एमएसएमई सबसे बड़ा प्रभावित सेक्टर होगा। कई कंपनियां हमेशा के लिए बंद हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई डिफॉल्टकरता है तो इसका पता 5-6 महीने के बाद ही चलेगा।
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