कोरोनावायरस के कारण लागू हुए लॉकडाउन का एडवांस टैक्स कलेक्शन पर बड़ा नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। मंगलवार को एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (जून तिमाही) में ग्रॉस एडवांस टैक्स कलेक्शन में 31 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं एडवांस कॉरपोरेट टैक्स में 79 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

1,37,825 करोड़ रुपए रहा डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन

एक इनकम टैक्स अधिकारी के अनुसार, वित्त वर्ष 2021 की पहली तिमाही में ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 1,37,825 करोड़ रुपए रहा है। जून 2019 तिमाही में ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 1,99,755 करोड़ रुपए रहा था। इस प्रकार इसमें 31 फीसदी की गिरावट रही है। कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सरकार ने 25 मई से 31 मई तक लॉकडाउन लगा रखा था। अधिकारी के मुताबिक, जून तिमाही के पहले दो महीने पूर्ण लॉकडाउन में बीते हैं। इसके कारण देश में करीब 80 फीसदी आर्थिक गतिविधियां ठप रही हैं। 1 जून से काफी हद तक लॉकडाउन हटा लिया गया है। इसके बावजूद अर्थव्यवस्था धीमी गति से सामान्य हो रही है। एडवांस टैक्स की पहली किस्त जमा करने की आखिरी तारीख 15 जून थी।

क्या होता है एडवांस टैक्स

एडवांस टैक्स भी एक प्रकार का इनकम टैक्स होता है। एडवांस टैक्स तब दिया जाता है जब आप पर टैक्स देनदारी 10 हजार रुपए से अधिक की होती है। एडवांस टैक्स उसी वित्त वर्ष में जमा किया जाता है, जिस वर्ष में आपकी कमाई होती है। एडवांस टैक्स टीडीएस काटकर जमा किया जाता है। इसको करदाता अपनी मर्जी से जमा करता है। एडवांस टैक्स को एक साल में तीन बार यानी 15 जून, 15 सितंबर और 15 दिसंबर तक जमा किया जा सकता है।



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एडवांस टैक्स को एक साल में तीन बार यानी 15 जून, 15 सितंबर और 15 दिसंबर तक जमा किया जा सकता है। 

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