भारत के कुछ चुनिंदा सामानों पर अमेरिका में फिर से आयात शुल्क लगना बंद हो जाएगा। अमेरिकी प्रशासन जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रिफरेंस (जीएसपी) के तहत भारत का विशेष व्यापारिक दर्जा फिर से बहाल कर सकता है। भारत में अमेरिका के सामानों पर काफी ऊंचा जवाबी शुल्क लग रहा है और इसके कारण भी अमेरिका को भारत को विशेष दर्जा फिर से बहाल करने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
अमेरिका ने जून 2019 में भारत का विशेष दर्जा खत्म किया था
अमेरिका के के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत से एक प्रस्ताव मिलने के बाद अमेरिका भारत का लाभार्थी दर्जा फिर से बहाल करने पर विचार कर रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड टंप की सरकार ने जून 2019 में जीएसपी व्यापार कार्यक्रम के तहत भारत का लाभार्थी विकासशील देश का दर्जा रद्द कर दिया था। अमेरिका ने इसका कारण यह बताया था कि भारत अपने बाजार में अमेरिका को न्यायपूर्ण और उचित प्रकार से नहीं पहुंचने दे रहा है।
जीएसपी क्या है
जीएसपी अमेरिका का एक व्यापार कार्यक्रम है, जिसके तहत वह खास-खास देशों को व्यापार में विशेष सुविधा देता है। उन देशों में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए वहां से आने वाले सामानों पर अमेरिका में शुल्क नहीं लगाया जाता है। भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधु के एक बयान पर अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि रॉबर्ट लाइटहाइजर ने सीनेट फाइनेंस कमेटी के सदस्यों से कहा कि अमेरिका अभी भारत के साथ जीएसपी पर वार्ता कर रहा है। भारतीय राजदूत ने कहा था कि मलेरिया रोधी दवा हाइड्र्रोक्सीक्लोरोक्विन (एचसीक्यू) की भारत से अमेरिका को आपूर्ति होने पर दोनों देशों का आपसी विश्वास बढ़ा है और दोनों देश आने वाले सप्ताह में एक छोटा व्यापारिक सौदा कर सकते हैं।
अमेरिकी सेब व दाल पर भारत में लगा रहा बेहद ऊंचा आयात शुल्क
वाशिंगटन प्रांत की सीनेटर मारिया कैंटवेल ने उनके प्रांत के सेब पर भारत में लगने वाले अत्यधिक ऊंचे आयात शुल्क को लेकर काफी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि भारत सेब पर 70 फीसदी आयात शुल्क लगा रहा है। मोंटाना के सीनेटर स्टीव डेंस ने भी कहा कि वह भारत में दाल पर लगने वाले ऊंचे आयात शुल्क को लेकर चिंतित हैं। भारत दाल का सबसे बड़ा उपभोक्ता है और मोंटाना के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है। इसके बाद लाइटहाइजर ने कहा कि भारत का साधारण आयात शुल्क तो बुरा है ही, उसका जवाबी शुल्क और भी खराब है।
भारत व अमेरिका की वार्ता में काफी देरी हो रही है
लाइटहाइजर ने आगे कहा कि भारत के साथ वार्ता उम्मीद से ज्यादा लंबी खिंच रही है। भारत ऊंचा शुल्क को छोड़ नहीं रहा है और अमेरिका को एक फायदेमंद सौदे का इंतजार है। इस बीच फरवरी में आयोजित नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम में ट्रंप ने कहा था कि वह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक सबसे बड़ा सौदा करने वाले हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक चतुर वार्ताकार हैं और वार्ता अभी शुरुआती चरण में है।
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